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वास्तु ज्ञान इंजन

Vastu Knowledge Engine

Complete Vastu Shastra guide with House Plan Analyzer, interactive diagrams, room-wise guidelines, direction compass, mandala grid, search engine — all based on Brihat Samhita, Mayamatam, Manasara, Vishvakarma Prakash, and Samarangana Sutradhara.

22 Room Types9 Vastu Zones400+ Guidelines10 Authentic TextsMantras & Yantras
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206 entries indexed from Vedic texts

🏠 वास्तु गृह विश्लेषक

House Plan Analyzer — Free Vastu Score

Place rooms on the directional grid or choose a preset floor plan. Get instant Vastu score with detailed analysis, mantras, yantras, crystals, and Feng Shui comparison.

22
कक्ष प्रकार
9
वास्तु क्षेत्र
6
प्राचीन ग्रंथ
5
पूर्व-निर्मित

🏗️ नक्शा चुनें / Choose a Floor Plan:

🗺️ वास्तु ज़ोन मैप

वायव्य🏨अतिथि कक्ष✓ उत्तमउत्तर🛋️बैठक कक्ष✓ उत्तमईशान🙏पूजा कक्ष✓ उत्तमपश्चिम📚अध्ययन कक्ष✓ उत्तमब्रह्मस्थानब्रह्मस्थान (खुला केंद्र)✓ उत्तमपूर्व🚪मुख्य द्वार✓ उत्तमनैऋत्य🛏️मुख्य शयनकक्ष✓ उत्तमदक्षिण🪜सीढ़ियाँ✓ उत्तमआग्नेय🥘रसोईघर✓ उत्तमउत्तर (N)दक्षिण (S)पश्चिमपूर्व

समग्र वास्तु अनुपालन स्कोर

100%

🏆 उत्कृष्ट वास्तु — दैवीय सामंजस्य!

Excellent Vastu — Divine Harmony!

0% — गंभीर दोष50% — औसत100% — उत्कृष्ट
9
उत्तम
0
~ ठीक
0
दोषपूर्ण

🔥 पंच तत्व संतुलन

Vastu requires all 5 elements in harmony. Imbalance causes specific problems. वास्तु में पाँचों तत्वों का संतुलन आवश्यक। असंतुलन विशिष्ट समस्याएँ उत्पन्न करता है।

🔥
1
अग्नि
Energy, Digestion
💧
1
जल
Flow, Emotion
🌍
2
पृथ्वी
Stability, Weight
💨
3
वायु
Movement, Breath
4
आकाश
Expansion, Sound

📋 विस्तृत कक्ष विश्लेषण

🏨
अतिथि कक्ष(Guest Room)वायव्य

अतिथि कक्ष वायव्य में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। वायव्य — अतिथि ज़्यादा नहीं रुकते। पश्चिम विकल्प। नैऋत्य में कभी नहीं (वे हावी हो जाएँगे)।

100%
✓ उत्तम
🛋️
बैठक कक्ष(Living Room)उत्तर

बैठक कक्ष उत्तर में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। उत्तर/पूर्व सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करता है। भारी फर्नीचर कमरे के दक्षिण-पश्चिम कोने में।

100%
✓ उत्तम
🙏
पूजा कक्ष(Pooja / Prayer Room)ईशान

पूजा कक्ष ईशान में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। ईशान (ईशान्य) सर्वाधिक पवित्र। पूर्व/उत्तर मुख होकर पूजा करें। देवता का मुख पश्चिम/दक्षिण।

100%
✓ उत्तम
📚
अध्ययन कक्ष(Study / Home Office)पश्चिम

अध्ययन कक्ष पश्चिम में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। पश्चिम या उत्तर। पूर्व/उत्तर मुख होकर पढ़ें। पुस्तक अलमारी पूर्व/उत्तर दीवार पर।

100%
✓ उत्तम
ब्रह्मस्थान (खुला केंद्र)(Brahmasthan (Center Open))ब्रह्मस्थान

ब्रह्मस्थान (खुला केंद्र) ब्रह्मस्थान में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। केंद्र अवश्य खुला रहे — कोई स्तंभ, दीवार, शौचालय, रसोई या भारी वस्तु नहीं। यह ब्रह्मांडीय नाभि है।

100%
✓ उत्तम
🚪
मुख्य द्वार(Main Entrance)पूर्व

मुख्य द्वार पूर्व में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। उत्तर/पूर्व द्वार समृद्धि लाता है। ईशान सर्वोत्तम। द्वार अंदर की ओर, दक्षिणावर्त खुले।

100%
✓ उत्तम
🛏️
मुख्य शयनकक्ष(Master Bedroom)नैऋत्य

मुख्य शयनकक्ष नैऋत्य में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। नैऋत्य स्थिरता और अधिकार देता है। दक्षिण/पूर्व दिशा में सिर रखकर सोएँ। उत्तर में कभी नहीं।

100%
✓ उत्तम
🪜
सीढ़ियाँ(Staircase)दक्षिण

सीढ़ियाँ दक्षिण में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। नैऋत्य सर्वोत्तम। दक्षिणावर्त चढ़ें। विषम संख्या (3 से भाग नहीं)। पूजा कक्ष के नीचे कभी नहीं।

100%
✓ उत्तम
🥘
रसोईघर(Kitchen)आग्नेय

रसोईघर आग्नेय में — उत्तम! सही वास्तु स्थान। अग्निकोण (दक्षिण-पूर्व) सर्वोत्तम। पूर्व मुख होकर पकाएँ। चूल्हा रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में।

100%
✓ उत्तम

🌍 विश्व वास्तु ज्ञान

How Vastu Shastra compares with other global architectural sciences.

☯️
Feng ShuiChinese — 5000+ years

Uses Ba Gua (8 trigrams), Chi flow, Yin-Yang balance. Similar to Vastu in directional importance but uses compass school (Luo Pan) vs Vastu's fixed grid. Both: center is sacred, clutter blocks energy.

🎌
Wabi-Sabi / KansoJapanese — 15th century+

Embraces imperfection, simplicity, natural materials. Kanso (簡素) = simplicity in design. Aligns with Vastu's emphasis on natural materials and open Brahmasthan (ma/間 — negative space).

📐
Sacred GeometryEgyptian / Greek — 3000+ years

Golden Ratio (φ = 1.618), Fibonacci sequence in temples. Pyramids aligned to cardinal directions. Vastu's Ayadi Shadvarga calculations parallel Pythagorean ratios for ideal proportions.

🏛️
Vitruvian ArchitectureRoman — 1st century BCE

Vitruvius' "De Architectura" — firmitas (strength), utilitas (utility), venustas (beauty). Parallel to Vastu's Dridha (strength), Sukha (comfort), Chitra (beauty) principles.

🌀
Geomancy / GeodesyVarious cultures

Earth energy lines (ley lines), geopathic stress zones. Modern building biology studies confirm: underground water, geological faults affect health — Vastu's Dakargala (water divination) chapter addresses this.

🕌
Islamic Architecture7th century+ CE

Qibla direction (Kaaba), geometric patterns (Arabesque), courtyard-centric design. Like Vastu, emphasizes: central open space, directional alignment, geometric harmony, water features.

💡 मूल वास्तु सिद्धांत

ब्रह्मस्थान (केंद्र) हमेशा खुला रखें। (Brihat Samhita 53.1)
ईशान (NE) सबसे हल्का, साफ, पवित्र रखें। (Mayamatam 7.5)
नैऋत्य (SW) सबसे भारी — मास्टर बेडरूम, भंडार। (Manasara 10.2)
मुख्य द्वार घर का सबसे बड़ा हो। (BS 53.6)
सीढ़ियाँ विषम संख्या (5,7,9,11...)। (Mayamatam 12.5)
दक्षिण/पश्चिम दीवारें मोटी हों। (Manasara 9.8)
NE ढलान नीची, SW ऊँची। (BS 53.12)
N/E में अधिक खिड़कियाँ। (Vishvakarma Prakash 4.8)
जल स्रोत ईशान में। (BS Ch.54 Dakargala)
रसोई और शौचालय आमने-सामने न हों। (Mayamatam 9.72)

📖 Sources: Brihat Samhita (Varahamihira, 6th CE) • Mayamatam (5th-7th CE) • Manasara Shilpa Shastra

Vishvakarma Prakash • Samarangana Sutradhara (King Bhoja, 11th CE) • Kashyapa Shilpa Shastra

☯️ Cross-referenced with: Feng Shui Ba Gua • Japanese Kanso • Sacred Geometry • Vitruvian Principles

📋 कक्ष-वार वास्तु नियम

Room-wise Vastu Guidelines — Click to Expand

🚪
मुख्य द्वारMain Door
Best: N / E / NE
🥘
रसोईघररसोई
Best: SE (Agni Kona)
🛏️
शयनकक्षBedroom
Best: SW
🙏
पूजा कक्षPooja Room
Best: NE (Ishanya)
🚿
शौचालयशौचालय
Best: NW / W
🛋️
बैठक कक्षबैठक कक्ष
Best: N / E / NE
📚
अध्ययन कक्षअध्ययन कक्ष
Best: W / N
🪜
सीढ़ियाँसीढ़ी
Best: SW / S / W
💧
जल स्रोतWater Source
Best: NE / N / E
💰
तिजोरीTreasury/Safe
Best: N (wall)
ब्रह्मस्थानBrahmasthan
Best: Center
🌳
बगीचाGarden
Best: N / E / NE

📐 वास्तु आरेख

Interactive Vastu Diagrams — Click to View

क्या करें ❌ क्या न करें

Essential Vastu Dos & Don'ts

करें

  • उत्तर-पूर्व कोने को स्वच्छ, खुला और संपत्ति के सबसे निचले स्तर पर रखें।
  • दक्षिण-पश्चिम कोने को भारी, ठोस और सबसे ऊँचे स्तर पर रखें।
  • ब्रह्मस्थान (केंद्र) को खंभों, दीवारों या भारी वस्तुओं से मुक्त रखें।
  • सुनिश्चित करें कि ढलान दक्षिण-पश्चिम (ऊँचा) से उत्तर-पूर्व (नीचा) की ओर हो।
  • अधिकतम सकारात्मकता के लिए मुख्य प्रवेश द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व में रखें।
  • पूर्व से अधिकतम सूर्यप्रकाश आने दें — पूर्व दिशा की खिड़कियाँ बड़ी रखें।
  • बगीचे या बालकनी के उत्तर-पूर्व में तुलसी लगाएँ।
  • प्रवेश द्वार पर शुभ चिह्न (ॐ, स्वस्तिक, तोरण, कलश) लगाएँ।
  • घर को अच्छी तरह रोशन रखें, विशेषकर उत्तर-पूर्व कोना।
  • टपकते नलों की तुरंत मरम्मत करें — टपकता पानी धन के क्षय का प्रतीक है।
  • सभी दरवाज़ों और कब्ज़ों को ठीक रखें — चरमराते दरवाज़े नकारात्मकता आमंत्रित करते हैं।
  • सीढ़ियों में विषम संख्या में सीढ़ियाँ रखें (5, 7, 9, 11, 15, 17, 19, 21)।

न करें

  • उत्तर-पूर्व कोने को शौचालय, भारी संरचनाओं या भंडारण से अवरुद्ध न करें।
  • किसी भी शयनकक्ष में बिस्तर की ओर मुख किए हुए दर्पण न रखें।
  • घर में टूटी घड़ियाँ, दर्पण या दरार वाली वस्तुएँ न रखें।
  • घर के अंदर काँटेदार पौधे (कैक्टस, प्रवेश द्वार के पास बोगेनविलिया) न लगाएँ।
  • मुख्य प्रवेश द्वार पर गहरा/काला रंग न करें।
  • मुख्य प्रवेश द्वार दक्षिण-पश्चिम में न रखें।
  • उत्तर दिशा की ओर सिर करके न सोएँ (चुंबकीय क्षेत्र में व्यवधान)।
  • रसोई में दक्षिण की ओर मुख करके खाना न पकाएँ।
  • रसोई या पूजा कक्ष से सटा हुआ शौचालय न बनाएँ।
  • ब्रह्मस्थान (घर के केंद्र) में शौचालय या रसोई न बनाएँ।
  • प्रवेश द्वार की ओर इशारा करती बंद गली न हो (वीथि शूल / टी-जंक्शन)।
  • दक्षिण-पश्चिम को नीचा या खुला न छोड़ें जबकि उत्तर-पूर्व ऊँचा या अवरुद्ध हो।

🙏 वास्तु उपाय

Vastu Remedies by Category

Mirror-Based Remedies

  • अशुभ दिशा की ओर वाले शौचालय के दरवाज़े के बाहर दर्पण लगाएँ।
  • उत्तर दीवार पर दर्पण कुबेर ऊर्जा सक्रिय करता है और धन आकर्षित करता है।
  • उत्तर-पूर्व में अवतल दर्पण सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करते हैं।
  • टूटे या दरार वाले दर्पण कभी उपयोग न करें।

Color-Based Remedies

  • प्रत्येक दिशा के लिए वास्तु-अनुकूल रंगों में दीवारें रंगें।
  • उत्तर-पूर्व में पीला या क्रीम रंग सकारात्मकता बढ़ाता है।
  • उत्तर में हरा रंग विकास को बढ़ावा देता है।
  • अग्नेय में लाल या नारंगी रंग अग्नि ऊर्जा को मजबूत करते हैं।

Plant-Based Remedies

  • तुलसी: उत्तर-पूर्व में रखें; नकारात्मकता दूर करती है, वायु शुद्ध करती है।
  • बैम्बू (लकी बैम्बू): धन आकर्षित करता है; पूर्व या अग्नेय में रखें।
  • मनी प्लांट: उत्तर या पूर्व में रखें; आर्थिक वृद्धि आकर्षित करता है।
  • नीम का पेड़: वायव्य के पास; नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है।
  • केले का पौधा: उत्तर-पूर्व में; अत्यंत शुभ।
  • घर के अंदर से सभी सूखे पौधे, सूखे फूल और काँटेदार पौधे हटाएँ।

Salt-Based Remedies

  • वास्तु दोष वाले कमरों के कोनों में समुद्री नमक रखें (साप्ताहिक बदलें)।
  • पोछा लगाते समय फर्श पर समुद्री नमक का पानी छिड़कें ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो।
  • अग्नेय कोने में नमक के पानी के गिलास में एक नींबू रखें।

Pyramid Remedies

  • वास्तु पिरामिड (ताँबा/क्रिस्टल) ऊर्जा प्रवाह को पुनर्निर्देशित और संतुलित करते हैं।
  • यदि ब्रह्मस्थान खुला न हो तो छत पर रखें।
  • खाना पकाने के क्षेत्र के पास ताँबे के पिरामिड अग्नि ऊर्जा संतुलित करते हैं।
  • ग्रिड में नौ पिरामिड प्रमुख ऊर्जा असंतुलन को ठीक करते हैं।

Crystal Remedies

  • उत्तर-पूर्व में स्फटिक सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
  • शयनकक्ष में जामुनिया (एमेथिस्ट) शांतिपूर्ण नींद को बढ़ावा देता है।
  • उत्तर में या कैश बॉक्स के पास सिट्रीन धन ऊर्जा बढ़ाता है।

Copper Strip/Wire Remedies

  • कमरे की परिधि के चारों ओर ताँबे का तार ऊर्जा प्रवाह को ठीक करता है।
  • मुख्य प्रवेश द्वार के पास ताँबे की पट्टियाँ नकारात्मक ऊर्जा दूर रखती हैं।
  • मुख्य द्वार पर ताँबे का स्वस्तिक या ॐ चिह्न।

Symbolic & Religious Remedies

  • मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक (सार्वभौमिक वास्तु सुधारक)।
  • उत्तर-पूर्व में या मुख्य द्वार पर ॐ चिह्न।
  • पूजा कक्ष या उत्तर दीवार पर श्री यंत्र (धन आकर्षक)।
  • सामान्य सुधार के लिए वास्तु दोष निवारण यंत्र।
  • प्रवेश द्वार पर दक्षिण की ओर मुख किए हनुमान चित्र (नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है)।
  • प्रवेश द्वार पर गणेश मूर्ति (बाधाएँ दूर करती है)।
  • शाम को कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

Light-Based Remedies

  • उत्तर-पूर्व कोने को हमेशा अच्छी तरह रोशन रखें।
  • अंधेरे गलियारों में तेज़ रोशनी का उपयोग करें।
  • रसोई के अग्नेय कोने में एक दीपक (दीया)।
  • स्थिरता के लिए दक्षिण-पश्चिम शयनकक्ष में नाइट लैंप।

Wind Chime Remedies

  • मुख्य प्रवेश द्वार पर धातु की विंड चाइम रुकी हुई ऊर्जा दूर करती हैं।
  • उत्तर-पूर्व में सिरेमिक विंड चाइम।
  • शयनकक्ष में विंड चाइम से बचें (नींद में बाधा डालती हैं)।

📜 प्रामाणिक वैदिक ग्रंथ

Authentic Source Texts (10 texts)

📜
Vastu + Shilpa5th-7th CE

Mayamatam

मयमतम्

by Maya Danava | ~~500 pages

📜
Encyclopedia6th CE

Brihat Samhita

बृहत् संहिता

by Varahamihira | ~~1000 pages

📜
Architecture5th-7th CE

Manasara Shilpa Shastra

मानसार शिल्प शास्त्र

by South Indian School | ~~700 pages

📜
Architecture11th CE

Samarangana Sutradhara

समरांगण सूत्रधार

by King Bhoja of Dhara | ~~800 pages

📜
CraftMedieval

Vishvakarmaprakasha

विश्वकर्मप्रकाश

by Attr. Vishvakarma | ~~400 pages

📜
ShilpaAncient

Kashyapa Shilpa Shastra

काश्यप शिल्प शास्त्र

by Sage Kashyapa | ~~300 pages

📜
Architecture12th CE

Aparajitaprccha

अपराजितपृच्छा

by Bhuvanadeva | ~~600 pages

📜
Scholarly1961

Vastu Sastra Vol. I

वास्तु शास्त्र खंड I

by D.N. Shukla | ~827 pages

📜
RegionalMedieval

Manushyalaya Chandrika

मनुष्यालय चंद्रिका

by Kerala School | ~~200 pages

📜
Temple9th-10th CE

Silpa Prakasa

शिल्प प्रकाश

by Odisha School | ~~300 pages